Lafz #10 वफा से बेवफ़ाई तक का सफर


ख़ुदा भी क्या खेल खेलता है,  

कभी वफा करवाता है, 
कभी बेवाफा बनाता है,  

हम बस कतपुटलिया है, 
उसके इशारों के,  

जो समझ गया, 
वो आगे चला गया, 
बाकी पीछे रो रहे है.. 

:- एक मुसाफ़िर

 

Comments